खुशी और आँसू

आँसू की तरह कुछ गमों को बहा देते है,
उस खारे नमक को पिघला देते है बह जाने देते है,
खुशी के शहद को मिला कर देते है मीठा उसे फिर,
आँखों को काजल से सजा कर थोड़ा सँवार देते है,
तब लगती है मीठी हर खुशी जो मेरे पास है तुम्हारे पास है . . .

छाया

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