चाँद की बाहों में

ये रात गुजारेंगे,
प्रेम रागिनी कोई,
पिया प्रेम की सुनायेंगे,
एक ना सुनेंगे बस अपनी सुनायेंगे,
चाँद की नीली आभा को आँचल में अपनी सजायेगे
चाँद की बाँहों में ये रात गुजारेंगे . . .

छाया

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