मुस्कान

मेरे चेहरे पर मुस्कान खिल जाती है,
जब मेरी आँखें तुम्हें देख रही होती है,
पलकें झपकी लेना तक भूल जाती है,
झिलमिल अश्रु आँखों में चमक रहे होते,
मुस्कान तुमसे कितने सवाल पूछ रही होती,
तुम इस मुस्कान की परिभाषा बताओ तो जो,
मेरे चेहरे से आँखों में जा घर बना रही है . . .

छाया

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