आतुर मन

मन रहता है आतुर.
कहता है सारा समुंदर मेरा है.
तो दर्द भी मेरे हिस्से में ही आयेंगे.
मैं उसे बाँट लूँगी वो थोड़ा – थोड़ा कर.
मुझे हर वक़्त परेशान ना करे.
आये जैसे अतिथि हो और चला जाये . . .

छाया

%d bloggers like this: