चाय और नज्म

चाय के साथ नज़्म लिखना,
किसी अजीज दोस्त से गुफ्तगू जैसा,
ये किसी नायाब तोहफे से कम नही होता,
हर घूट से नज्मों की बारिश होती दिखती है,
उसके साँवले रंग के घूट में सारे जहाँ का सुकून है . . .

छाया

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