रिश्तें

रिश्तों की मिठास,
शहद की तरह होता,
कोई कड़वापन नही बस मिठास,
बूँद – बूँद टपकती मीठी कुसुमासव,
जीवन में टपकता बूँद – बूँद प्रेमरस . . .

छाया

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