आँखों की खामोशी

आँखों की खामोशी में,
कुछ बातें शोर मचाती हैं,
छुप जाती हैं काजल के घेरे में,
रुक जाती हैं अश्रुजल निज नयन,
रखती छुपा कई कहानियाँ नैनॊं की डिबिया में . . .

छाया

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