प्यार के लिये

प्यार के लिये,
खुला आसमान होता,
आसमानी चुनरी ओढ़ बादलों से,
बातें करती कुछ कहती कुछ सुनती,
चुनरी में जहाँ का उजाला भर लेती . . .

छाया

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