पानी के सौ रंग

पानी के सौ रंग,
हर रंग सुंदर,
जीवनदायिनी अमृत,
छूना चाहो हाथ ना आये,
अपनी प्रवाह अपनी मस्ती,
तरंग वेग सरलता मधुरता समाहित,
धरती की शोभा शृंगार हर रंग सुंदर   . . .

छाया

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