काश

काश तुम होते,
ये तन्हाई और ये फुर्सत,
काश कि तुम भी होते,
रात से भी लम्बी बातें होती,
तुम्हारा धीरे से कहना कि,
एक कप चाय मिल जाती . . .
और कानों का दूर कही से नगमें का सुनना,
” याद किया दिल ने कहा हो तुम ” . . .

छाया

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