कोशिश . . . लघु कथा

आज मैं खुद पर कुछ लिखना चाहती हूँ . . बचपन से ही मैं चाहती थी कि मैं वो सब करूँ जो मेरे मन खुशी दे ! तितलियों से बातें करूँ . . प्रकृति के मधुर ध्वनि पर कवितायें लिखूं . .  कभी मैं कर नही पायी और समय गुजरता चला गया ! जीवन में प्रतिदिन के संघर्ष को ही सबकुछ मान लिया ! पर एक दिन मेरी छोटी बहन ” खुशबू ” ने मुझे लिखने के लिये प्रेरित किया . . . और इसतरह मेरी कविताओं के साथ सफर की शुरुआत हुयी . . . और कोशिश करती रही और मेरी कविताओं की माला बनती चली गयी ! अब मैं अपनी कविताओं में तितलियों से बातें करती हूँ . . प्रकृति के हर रंग को महसूस भी करती हूँ . . पानी में भी मुझे संगीत सुनाई देता है . . .धन्यवाद. .  मेरी छोटी बहन . . . तुमने कोशिश करने की प्रेरणा दी . . . 

छाया

9 विचार “कोशिश . . . लघु कथा&rdquo पर;

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