मुस्कुराता अँधेरा

बारिश की बूँदें अँधेरे में,
मोतियों जैसे झिलमिलाती है,
अँधेरा मुस्कुराता है उस रोशनी में,
धीरे-धीरे टप टपक आवाज के साथ,
कानों को एक ध्वनि सहलाती है प्यार से,
अँधेरा मुस्कुराता है जब प्रियतमा पानी से,
बचकर हौले-हौले चलती है पर पायल बोल उठते है. . .

छाया

2 विचार “मुस्कुराता अँधेरा&rdquo पर;

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