ख्यालों को . . .

ख्यालों को शायद मैं बहुत पसंद हूँ,हमेशा मेरे आसपास मंडराती रहती है,मुस्कुराहटों को शायद मेरे मुखमंडल भाते है,हमेशा मेरे ओठों पर इठलाती नृत्य करती है,आँखो को शायद शतदल की रंगत भाते है,हमेशा बस उसी को देखते रहना चाहते है. . . – छाया

विश्वास . . .

विश्वास एक फूल है,जो सबके दिलों में सबके लिये,अलग- अलग रंगों में खिलते है,कहीं कम कहीं ज्यादा कहीं विलुप्त,हमारा प्रेम इस रंग को चटक करता है,प्रेम के आभाव में कुम्हला से जाते है. . . – छाया

खुशियाँ वो . . .

खुशियाँ वो जो,हमें उड़ने के लिये मज़बूर कर दे,कहे कि सारा आसमां तुम्हारा है,खुशियों के पंखों से उड़ा करो,कोई साथ ना हो तो अकेले उड़ा करो,छतों के गुम्बद पर बैठ देखो सारा जहाँ,वहाँ से खुशी तुम साफ – साफ देख पाओगे. . . – छाया

प्यार का आसमान . . .

प्यार का आसमान,विशाल अनंत असीमित,कितना भी मिले कम लगे,विशालतम सरल ठंडक देता,अहं से परे हो जिसका अस्तित्व,अडिग अपने जगह असंख्य तारो को लिये,रजनी काल इंदु जिसके माथे पर चमकती,प्यार भी खुबसूरत लम्हों की सौगात लिये हुये,तारों के भाँति टिमटिमाते हृदय में,उसकी खुशी में चाँद की शीतलता और खुबसूरती मिले . . . – छाया

मेरा मन

मेरा मन एक खिड़की है,जिसे मैं हर दिन खोलती साफ करती हूँ,सूरज की तेज रोशनी से नजरे मिला सकूं,उसके ताप को अपने आंखों में समा सकूं,ठंडी हवायें दोपहर में खिड़की के पास से,गुजरती है गहरी साँस ले अंदर समा लेती हूँ,आसमां में उड़ते विहग साझ घर को लौटते,एकटक देखती रहती हूँ खिड़की पर बैठ,रात्रि जबपढ़ना जारी रखें “मेरा मन”

रंग

जीवन में जब कोई रंग नही होता,हम रंगों से भरने की कोशिश करते है,केनवास पर हर उस रंग को उकेरने की,कोशिश करते है जो जीवन को रंगों से भर दे,कूची रंगों को अपने में समा केनवास पर,जीवन के हर रंग उतारने की कोशिश,करती है. . . – छाया

प्यार की मोमबत्ती

प्यार एक मोमबत्ती है,जिसकी लौ हमें सिखाती है,प्यार झरने का पानी नही है,कि तेज बहाव से गुज़रेगा धरती पर,प्यार तो मोमबत्ती की लौ है जो हमें,आहिस्ता-आहिस्ता जलना सिखाती है,प्यार में धैर्य ,विश्वास और इंतजार सिखाती है. . . – छाया

ईश्वर का उपहार

दोस्त ईश्वर का दिया वो उपहार है,जिसके साथ हम दिल से मुस्कुराते है,उसकी खामोशियों की वजह नही होते,मुस्कुराने का सबब बन जाते है . . . – छाया

दोस्ती का धागा

दोस्ती एक धागा है,बस जोड़ने की कला जानता है,टूटे हुये दिल को मीठी बातों से जोड़ता है,गिरते हुये आँसू को पोंछ खुशियों में बदलता है, सभी तक़लीफ़ को अपनी ओर खींच कवच बनता है,हँसाता है जब हम रोने के लिये मन को तैयार किये होते है. . . – छाया