माँ

बस अभी-अभी तो कुछ महिने पहले फिर, महसूस किया मैंने लाड़ – दुलार तुम्हारा माँ, ममत्व तो बचपन से ही ढेर सारा दिया तुमने, बस अभी-अभी कुछ महिने पहले मैंने महसूस किया फिर, तुम ना होती तो किससे कहती पीड़ा अपनी मैं माँ, तुम्हारी हर प्रार्थना में मैं थी हर दुआ बस मेरे लिये थीपढ़ना जारी रखें “माँ”

पापा का प्यार

पापा . . मेरे प्यारे पापा, आज हम उनके लिये अपनी भावनाओं से आपका परिचय करवाते है, पापा पर कुछ लिखना यानि शब्दों से मेरी जंग हो जैसे, हर शब्द उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व से जुड़ना चाहता है, पापा . . मेरे प्यारे पापा, पापा मेरे लिये एक शब्द नही पुरी दुनिया है जो कभी मुझेपढ़ना जारी रखें “पापा का प्यार”

खुशी और आँसू

आँसू की तरह कुछ गमों को बहा देते है, उस खारे नमक को पिघला देते है बह जाने देते है, खुशी के शहद को मिला कर देते है मीठा उसे फिर, आँखों को काजल से सजा कर थोड़ा सँवार देते है, तब लगती है मीठी हर खुशी जो मेरे पास है तुम्हारे पास है .पढ़ना जारी रखें “खुशी और आँसू”

एक उम्मीद

तुम्हारी यादों का गुलदस्ता लिये, पूरे दिवस अपने स्मरण में तुम्हें, आने का न्योता देती हूँ पर फिर, जिस-जिस दिन आना भूल गये, मैं खुद को सँवारना ही भूल गयी, मुस्कुराहट मेरी ओंठों से रूठ गयी, तुम्हारी यादों का गुलदस्ता लिये पूरे दिवस  . . . – छाया

यादों का गुलदस्ता

तुम्हारी यादों का गुलदस्ता लिये, पूरे दिवस अपने स्मरण में तुम्हें, आने का न्योता देती हूँ पर फिर, जिस-जिस दिन आना भूल गये, मैं खुद को सँवारना ही भूल गयी, मुस्कुराहट मेरी ओंठों से रूठ गयी, तुम्हारी यादों का गुलदस्ता लिये पूरे दिवस  . . . – छाया

चाँद की बाहों में

ये रात गुजारेंगे, प्रेम रागिनी कोई, पिया प्रेम की सुनायेंगे, एक ना सुनेंगे बस अपनी सुनायेंगे, चाँद की नीली आभा को आँचल में अपनी सजायेगेचाँद की बाँहों में ये रात गुजारेंगे . . . – छाया

खामोशियां

कोई शोर नही, खामोशियां है बस, सब इसे सुन नही पाते, मेरी खामोशियां जो समझे, बस उसे सुनाई देते है . . . – छाया – छाया

सवेरा

सवेरा हर सवेरा, ढेरों उम्मीदें आशायें, हर किरणों में मुस्कान, हर फुल गीत गाती हुई, जीवन में नई ऊर्जा का संचार करती . . . – छाया

रोशनी

जो हमारे आसपास ही नही, हृदय के अंधकार को भी मिटायें, उस उजाले की चादर ओढ़कर हम, जीवन में फैले हर अंधकार को नष्ट करे दे . . . – छाया